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सोमवार, 12 सितंबर 2011

आओ समेट लें सुंदरता चाँद की

फोटो कार्यशाला -9 - लिपि भारद्वाज 

स्वतंत्र वार्त्ता - 12 सितंबर 2011                                             अनुवाद - सीएमपी अंकल 
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2 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

ऐसे चित्र खींचने का मन तो हमारा भी करता है।

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

आज पूनम की रात है और चित्र में भी चांद अपने उरूज पर है। ‘कैमरे की संदूकची’ का सुंदर प्रयोग किया गया है सर जी:)