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गुरुवार, 15 सितंबर 2011

हिंदी भाषा के बढ़ते कदम

स्वतंत्र वार्त्ता - 14/15.9.2011 - पृष्ठ ८

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2 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अब हिन्दी उतार कम और चढ़ाव अधिक देखेगी।

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

भाषा के प्रति उम्मीद जगाता लेख। जनभाषा है और जनता के माध्यम से ही इसे उर्जा मिलेगी। सरकारी बैसाखी निकल जाए तो शायद और समृद्ध हो! यदि सरकार चाहे तो कमाल अतातुर्क की तरह कल से ही कार्यान्वित हो सकती है।