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गुरुवार, 5 मई 2011

विवाह की 27वीं वर्षगाँठ पर




चार मई|

विवाह की वर्षगाँठ|
1984 को 27 बरस गुज़र गए! पता ही नहीं चला|
अरे, यह क्या? हम बुढ़ा चले| 
लव[बेटा] दिल्ली में है इन दिनों; लिपि[बिटिया] यहाँ हैदराबाद में|
बेटे का आज पास में न होना अखरता रहा; पर आ भी तो नहीं सकता पढ़ाई छोड़ कर बीच में|  
इस तरह की भावुकता बच्चों को नहीं सिखाई हमने|
लिपि ने अपने कैमरे से कई सारे अजीब-अजीब पोज़  बनवा कर अपने मम्मी-पापा के फोटो खींचे|
देख-देख कर खूब हँसे हम तीनों|

सच पूनम, आपके साथ जीवन बड़ा सहज है - तमाम तरह के खट्टे मीठे अनुभवों के साथ|
जितना प्यार किया है 'तुमने' मैं तो इसके योग्य नहीं......!!!!!!!
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