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सोमवार, 7 नवंबर 2011

सूर्य की किरणों को कैमरे में क़ैद करें

फोटो कार्यशाला - 17  - लिपि भारद्वाज 


स्वतंत्र वार्त्ता : 7 नवंबर , 2011              अनुवाद : सीएमपी अंकल 
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3 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सूर्य की किरणों के बीच चित्र और निखर आता है।

RISHABHA DEO SHARMA ऋषभदेव शर्मा ने कहा…

@प्रवीण पाण्डेय

हो सकता है यहाँ प्रासंगिक न लगे लेकिन आपकी टिपण्णी से स्व. हरीराम धीमान चमचा के एक गीत का मुखड़ा याद हो आया ......''सूरज की किरणों ने चाभी भर दी हममें, भोर हुई, निकल पड़े देह को भुनाने हम / हमारा निशाना भूख, भूख के निशाने हम.''

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

अगली कार्यशाला फ़िलहाल अंतिम लगती है सर जी :)