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सोमवार, 8 अगस्त 2011

फोटोग्राफी आसान है, आप शुरू तो कीजिए [लिपि भारद्वाज]


फोटो-कार्यशाला : 1


'स्वतंत्र वार्त्ता'                                                   - अनुवाद: सीएमपी अंकल  

2 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

दुनिया देखने का नजरिया बदल देती है फोटोग्राफी।

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा…

कभी फोटोग्राफी को तकनीक और धन से जोडा जाता था क्योंकि कैमरे महंगे थे और उन्हें सेट करने के लिए अच्छी जानकारी होनी पड़ती थी। परंतु इस लेख से यह पता चलता है कि केवल क्लिक करने से अच्छॆ चित्र नहीं उतारे जा सकते। एक सार्थक लेख के लिए लिपि भारद्वाज को बधाई॥