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सोमवार, 29 मार्च 2010

सांस्कृतिक कार्यक्रम : दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा

उच्च शिक्षा और शोध संस्थान में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं वार्षिकोत्सव संपन्न
हैदराबाद, 29 मार्च।

दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, हैदराबाद केंद्र के तत्वावधान में एकदिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं वार्षिकोत्सव संपन्न हुआ जिसके अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर द्वारका प्रसाद मायछ एवं ज्योति नारायण विषेष अतिथि रहे। उच्च शिक्षा और शोध संस्थान की प्राध्यापक डॉ. बलविंदर कौर ने सबका स्वागत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत चम्मच दौड़, कुर्सी दौड़, रंगोली, मेहंदी, पेंटिंग, नाटक, नृत्य, फैंसी ड्रेस और गुब्बारे में हवा भरना प्रतियोगिताएँ रखी गईं।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में द्वारका प्रसाद मायछ, ज्योति नारायण, ऋषभदेव शर्मा, डी.सी. प्रक्षाले, शमीला परवीन, मृत्युंजय सिंह, पी. श्रीनिवास राव, जी. नीरजा तथा भगवंत गौडर ने प्रतियोगियों की सर्जनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
निधिकुमारी, आशा, स्वाति सुलभ, अजयकुमार, संध्यारानी, कंचन, वंदना, स्वप्नश्री, संगीता ओझा, पिंकी, हेमंता बिष्ट, सिस्ना सी.एस., अप्पलनायुडु, मोनिका देवी, जयप्रदा, कुतुबुद्दीन, वैभव भार्गव, राजकमला, पूला ममता आदि ने इन प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्राप्त किए।
इस अवसर पर आयोजित कविगोष्ठी में मृत्युंजय सिंह, द्वारका प्रसाद मायछ, ज्योति नारायण और ऋषभदेव शर्मा ने काव्य पाठ किया। अध्यक्ष के रूप में संबोधित करते हुए ऋषभदेव शर्मा ने भाषा, साहित्य और संस्कृति के संबंध पर प्रकाश डाला और दक्षिण भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा के प्रकाशन हेतु युवाओं का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संयोजन रीडर साहिराबानू बोरगल तथा प्राध्यापक बलविंदर कौर ने सफलतापूर्वक किया।

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