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रविवार, 12 फ़रवरी 2017

(पुस्तक) 'कथाकारों की दुनिया' : अनुक्रम

कथाकारों की दुनिया/ ऋषभदेव शर्मा 
I.S.B.N. : 978-81-7965-278-7
प्रथम संस्करण, 2017 
पृष्ठ 392, मूल्य : रु. 800
 तक्षशिला प्रकाशन, 98 ए, हिंदी पार्क, दरियागंज, नई दिल्ली - 110002
दूरभाष : 011-43528469, 23258802
ईमेल : info@taxshilabooks.in, taxshilabooks@gmail.com

अनुक्रम 



दो शब्द 
अभिमत 
आशंसा 
आभार 

                 ∫∫ खंड 1∫∫ : हिंदी उपन्यासकारों की दुनिया 

1. प्रेमचंद की वर्तमानता : 'रंगभूमि' और 'गोदान'
2. प्रेमचंद की दुनिया में स्त्री 
3. जैनेंद्र की दुनिया और मनोविश्लेषण का दबाव 
4. सामंती अवशेषों की औपन्यासिक अभिव्यक्ति
5. आंचलिक उपन्यासों की दुनिया 
6. रामदरश मिश्र की दुनिया में मिथकीय संदर्भ
7. स्त्री-दोस्त पुरुष की संभावना : अनामिका के उपन्यास

           ∫∫ खंड 2 ∫∫ : रचना संदर्भ : हिंदी उपन्यास

1. समाज-समीक्षा और गांधी दर्शन : राम-रहीम
2. प्रगतिशील साहित्य का नमूना : बिल्लेसुर बकरिहा
3. समलैंगिक विमर्श : कुल्लीभाट
4. क्षण सनातन है : नदी के द्वीप
5. भारतमाता ग्रामवासिनी : मैला आँचल
6. आदिवासी समुदाय की व्यथा : कब तक पुकारूँ
7. समकालीन भारतीय जीवन का व्यंग्य चित्र : राग दरबारी
8. भ्रष्ट व्यवस्था की बाढ़ में प्रतिरोध की तलाश : जल टूटता हुआ
9. लोकतंत्र की हत्या का दस्तावेज : महाभोज
10. एक अपरिपक्व महास्वप्न : अपने अपने राम
11. वर्णव्यवस्था और जातिभेद के विरुद्ध : छप्पर
12. महावृत्तांतों के विघटन का यथार्थ : कलिकथा : वाया बाइपास
13. रजऊ से ऋतु तक स्वाधीनता संग्राम : कही ईसुरी फाग
14. मृत्यु के बहाने राग की परीक्षा : अपना पराया
15. विकिरण और विस्थापन से जूझते आदिवासी : मरंग गोडा नीलकंठ हुआ
16. भीरु पुरुषों से चिढ़ती हैं स्त्रियाँ : गणित 
17. सबकी शुभेच्छा : नीम की छाया 
18. युद्ध कथा के बहाने मनुष्यता के प्रश्न : जय! हिंद की सेना

             ∫∫ खंड 3 ∫∫ : हिंदी कहानीकारों की दुनिया 

1. कहानीकारों की दुनिया में गाँव 
2. कहानीकारों की दुनिया में बच्चे 
3. प्रेमचंद की दुनिया में क्रूर यथार्थ 
4. प्रेमचंद की भदेस भनिति : गुल्ली डंडा 
5. हाशिये की दुनिया और शिवप्रसाद सिंह
6. दलित कहानीकारों की दुनिया : अभिव्यक्ति का संदर्भ 
7. दलित कहानीकारों की दुनिया : मानवाधिकार का संदर्भ
8. इक्कीसवीं शताब्दी की कहानी और मनुष्य : वैश्वीकरण का यथार्थ 
9. इक्कीसवीं शताब्दी की कहानी : अंतर्यात्रा 

            ∫∫ खंड 4 ∫∫ : हिंदी लघुकथा साहित्य 

1. लघुकथा की दुनिया में लोकतंत्र : बलराम अग्रवाल
2. लघुकथा की दुनिया में अतिरंजना : सुकेश साहनी 

            ∫∫ खंड 5 ∫∫ : तेलुगु कथासाहित्य

1. सामाजिक विद्रूप और हास्य : बैरिस्टर पार्वतीशम
2. मिथक की परीक्षा : द्रौपदी 
3. सेरोगेट मदर : क्रतु
4. एड्स : इमारत के खंडहर 
5. पाँच लंबी कहानियाँ : खंजर और खंजन
6. तेलंगाना के किसानों की व्यथा : आक्रमण कब का हो चुका
7. तेलुगु समाज का दर्पण : लघुकथाएँ 

           ∫∫ खंड 6 ∫∫ : तमिल कथासाहित्य

1. तमिल कहानी : उद्भव और विकास
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