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गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

[व्याख्यान] 'सूं सां माणस गंध' पर प्रो. दिलीप सिंह





6/9/2013 को दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद में 
डॉ. ऋषभ देव शर्मा के छठे कविता-संग्रह 
''सूं सां माणस गंध'' का
 लोकार्पण करते हुए दिया गया 
वरिष्ठ साहित्य-भाषा-चिंतक प्रो. दिलीप सिंह का 
अत्यंत सारगर्भित दो-टूक वक्तव्य.

मंगलवार, 25 फ़रवरी 2014

[व्याख्यान] तेलंगाना के प्रजाकवि कालोजी और उनकी कविता




'MERI AWAZ' - AN ANTHOLOGY OF 100 POEMS OF KALOJI TRANSLATED FRON TELUGU TO HINDI - WAS RELEASED ON 25.1.2014 AT SUNDARAYYA HALL, HYDERABAD BY FAMOUS FILM DIRECTOR B. NARSING RAO IN PRESENCE OF VIPLAVA POET VARAVARA RAO. MANNAR VENKATESHWAR COORDINATED THE FUNCTION ORGANISED BY ANDHRA PRADESH HINDI ACADEMY. RISHABHA DEO SHARMA SPOKE ON THE BOOK AT LENGTH.
HERE IS THE RECORDING OF RISHABHA DEO SHARMA'S SPEECH ON ''KALOJI AND HIS POETRY''.

मंगलवार, 21 मई 2013

आधुनिकता और उत्तरआधुनिकता : व्याख्यान





16/17 मई 2013 को कर्नाटक विश्वविद्यालय [धारवाड] के हिंदी विभाग में विशेष व्याख्यानमाला के
अंतर्गत 'संरचनावाद', 'उत्तर संरचनावाद', 'आधुनिकता' और 'उत्तर आधुनिकता' पर
डॉ. ऋषभ देव शर्मा (प्रोफ़ेसर और अध्यक्ष, उच्च शिक्षा और शोध संस्थान,
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद) के 4 व्याख्यान हुए.

प्रस्तुत है उनमें से चौथा व्याख्यान -
"आधुनिकता और उत्तर आधुनिकता".

उत्तर संरचनावाद : व्याख्यान





16/17 मई 2013 को कर्नाटक विश्वविद्यालय [धारवाड] के हिंदी विभाग में विशेष व्याख्यानमाला के
अंतर्गत 'संरचनावाद', 'उत्तर संरचनावाद', 'आधुनिकता' और 'उत्तर आधुनिकता' पर
डॉ. ऋषभ देव शर्मा (प्रोफ़ेसर और अध्यक्ष, उच्च शिक्षा और शोध संस्थान,
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद) के 4 व्याख्यान हुए.

प्रस्तुत है उनमें से तीसरा व्याख्यान -
"उत्तर संरचनावाद (POST STRUCTURALISM)".

रविवार, 19 मई 2013

संरचनावाद - 2/2 : व्याख्यान

!! पहले दिन का दूसरा व्याख्यान ...... ताकि अपने छात्रों के काम आ सके !!




16/17 मई 2013 को कर्नाटक विश्वविद्यालय [धारवाड] के हिंदी विभाग में विशेष व्याख्यानमाला के
अंतर्गत 'संरचनावाद', 'उत्तर संरचनावाद', 'आधुनिकता' और 'उत्तर आधुनिकता' पर
डॉ. ऋषभ देव शर्मा (प्रोफ़ेसर और अध्यक्ष, उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, 
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद) के 4 व्याख्यान हुए.
प्रस्तुत है उनमें से दूसरा व्याख्यान - "संरचनावाद -2".

संरचनावाद -1/2 : व्याख्यान

प्रो. सुमंगला मुम्मिगट्टी के बुलावे पर कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड, जाना हुआ. रास्ते भर मेरे खर्राटों ने पिछली सीट वाली एक भद्र महिला को इतना सताया कि वे पूरी रात मुझे अंग्रेजी में गरियाती रहीं और सो न सकीं. मैं आत्मग्लानि से भरा-भरा रहा - पर अवोमिन भी खा रखी थी वमन टालने को इसलिए चाहकर भी जाग नहीं पा रहा था. धारवाड पहुंचकर भी मन अपराधबोध से ग्रस्त रहा काफी देर. पर जब व्याख्यान-कक्ष में गया और पूरा भरा हाल श्रवणोत्सुक पाया तो भला लगा. खैर! यहाँ है पहले दिन का पहला व्याख्यान.... (शायद हमारे विद्यार्थियों के किसी काम का हो).....


16/17 मई 2013 को कर्नाटक विश्वविद्यालय [धारवाड] के हिंदी विभाग में विशेष व्याख्यानमाला के
अंतर्गत 'संरचनावाद', 'उत्तर संरचनावाद', 'आधुनिकता' और 'उत्तर आधुनिकता' पर
डॉ. ऋषभ देव शर्मा (प्रोफ़ेसर और अध्यक्ष, उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, 
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद) के 4 व्याख्यान हुए.
प्रस्तुत है उनमें से पहला व्याख्यान - "संरचनावाद -1".

शनिवार, 6 अप्रैल 2013

"भारतीय साहित्य की प्रवृत्तियाँ" : प्रश्न डॉ. ऋषभ के, उत्तर डॉ. देवराज के


1 अप्रैल 2013, हैदराबाद.
 प्रो. देवराज (अधिष्ठाता, अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा) 
और
 प्रो. ऋषभ देव शर्मा (हैदराबाद)
 की फोन वार्ता :
 प्रश्न डॉ. ऋषभ के, उत्तर डॉ. देवराज के. विषय : "भारतीय साहित्य की प्रवृत्तियाँ"

मंगलवार, 27 नवंबर 2012

स्त्री भाषा पर पुनश्चर्या व्याख्यान


हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित पुनश्चर्या कार्यक्रम के प्रतिभागियों को 
'स्त्री विमर्श : स्त्रीभाषा' विषय पर संबोधित करते हुए 
20/11/2012 को दिया गया 
प्रो.ऋषभ देव शर्मा का 
व्याख्यान.

रविवार, 23 सितंबर 2012

'भाषा और संवेदना' पर व्याख्यान : ऑडियो

भारी पानी संयंत्र, मणुगुरु में हिंदी दिवस के अवसर पर

भाषणकर्ता - प्रो. ऋषभ देव शर्मा 

दिनांक - 14 सितंबर 2012

सुनने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- 

शनिवार, 14 अप्रैल 2012

लोकार्पण : अजंता की तेलुगु काव्यकृति 'स्वप्न लिपि' का हिंदी अनुवाद

स्व. अजंता की  तेलुगु काव्यकृति 'स्वप्न लिपि' के हिंदी अनुवाद का लोकार्पण करते हुए प्रो. ऋषभदेव शर्मा . 
साथ में दाएँ अनुवादक प्रो. पी. आदेश्वर राव तथा बाएँ  'संकल्य' के संपादक प्रो. टी. मोहन सिंह.
अजंता तेलुगु के उन विलक्षण कवियों में गिने जाते हैं जिन्हें प्रथम कविता के प्रकाशन से ही अलग पहचान मिल जाती है. १९२९ में जन्मे और १९९९ में मृत्यु को प्राप्त हो चुके अजंता को निधनोपरांत २००३ में साहित्य अकादेमी ने पुरस्कृत किया. कहीं अज्ञेय, कहीं मुक्तिबोध तो कहीं राजकमल चौधरी का स्मरण कराने वाले इस कवि के पुरस्कृत काव्य संकलन 'स्वप्न-लिपि' का हिंदी अनुवाद अभी तक प्रतीक्षित था. इस प्रतीक्षा से मुक्ति दिलाने का काम किया है प्रो. पी. आदेश्वर राव ने. शुक्रवार १३ अप्रैल २०१२ को   पुस्तक आंध्र प्रदेश हिंदी अकादमी के सभागार में एक समारोह में  इस पुस्तक को लोकार्पित करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ. यद्यपि प्रो. आदेश्वर राव का काव्य-भाषा-संस्कार छायावादी और तत्समीय है तथापि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने एक अपेक्षाकृत कठिन कवि के अनुवाद का जोखिम उठाया है. मैं उनका अभिनंदन करता हूँ क्योंकि हिंदी पाठकों को उन्होंने एक लगभग अपरिचित हस्ताक्षर से परिचित कराया है.

इस अवसर पर दिए गए मेरे लोकार्पण-भाषण को सुपुत्र कुमार लव महोदय ने साउंड-क्लाउड पर सहेज दिया है जिस तक इस लिंक पर क्लिक करके पहुंचा जा सकता है - 

गुरुवार, 10 नवंबर 2011

'सिक्का बदल गया' [कृष्णा सोबती] पर चर्चा : ऑडियो

कुछ दिन पहले डॉ. बी. आर. अंबेडकर सार्वत्रिक विश्वविद्यालय, हैदराबाद के एम.ए.[हिंदी] के गद्य साहित्य के पाठ्यक्रम के तहत कृष्णा सोबती की कहानी 'सिक्का बदल गया' पर पाठनुमा चर्चा का अवसर मिला. ख़ास तौर से छात्रों के लाभार्थ उसकी ऑडियो रेकॉर्डिंग कर ली थी - टी वी पर प्रसारण के दौरान. पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन तो पहले एक प्रविष्टि में दिया ही जा चुका  है.

अब प्रस्तुत है ऑडियो पाठ. सुनने के लिए क्लिक करें......... 

शनिवार, 5 नवंबर 2011

भारतीय काव्यशास्त्र की परंपरा [ऑडियो]

गत दिनों हमने अपने यहाँ [उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद में] भारतीय काव्यशास्त्र पर त्रिदिवसीय व्याख्यानमाला आयोजित की थी. इस अवसर पर प्रो. जगदीश प्रसाद डिमरी जी ने अपने छह घंटे से अधिक के संबोधन में भारतीय काव्यशास्त्र की परंपरा को उजागर करते हुए विभिन्न विचारधाराओं की मूलभूत स्थापनाओं की सुबोध व्याख्या की.

मित्रों और छात्रों के आग्रह पर तीनो दिन की ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिंक यहाँ दे रहा हूँ ताकि ज़रूरतमंदों के काम आ सके.....