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शुक्रवार, 3 अगस्त 2012

कंप्यूटर पर हिंदी के विस्तार में स्वैच्छिक संस्थाओं की भूमिका



हैदराबाद.
हिंदी प्रचार सभा, नामपल्ली में 28 से 30 जुलाई 2012 तक अखिल भारतीय हिंदी संस्था संघ, दिल्ली के सहयोग से त्रिदिवसीय अखिल भारतीय हिंदी कार्यकर्ता शिविर का आयोजन किया गया. दूसरे दिन के लंचोत्तर सत्र में अपुन को मुख्य वक्ता के रूप में बोलने को बुलाया गया. विषय था - ''कंप्यूटर पर  हिंदी के विस्तार में स्वैच्छिक संस्थाओं की भूमिका''. खूब भाषणबाजी की. मज़ा आया. [शीघ्र ही आलेख उपलब्ध कराया जाएगा जो कि अभी हस्तलिखित नोट्स के रूप में है].

संपत देवी मुरारका पहली ही पंक्ति में थीं. उन्होंने कुछ फोटो भेजे हैं जिन्हें उनके प्रति धन्यवाद के साथ यहाँ लगा रहा हूँ.

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