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शुक्रवार, 13 जुलाई 2012

[पुनश्चर्या] मीडिया, साहित्य, सिनेमा और उत्तरआधुनिकता


4 टिप्‍पणियां:

Atulyya ने कहा…

पूरा आलेख दिया जाना उचित होगा...जिज्ञासा शांति का यही उपाय है...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

तीनों गहनता से अन्तर्बद्ध हैं..

Vinita Sharma ने कहा…

मीडिया एक पाठशाला है जहाँ हम बहुत कुछ पढ़ते, देखते और अनुभव करते हैं

ऋषभ देव शर्मा ने कहा…

@Atulyya
@प्रवीण पाण्डेय
@Vinita Sharma,

प्रोत्साहन के लिए कृतज्ञ हूँ.
यथाशीघ्र पूरा आलेख उपलब्ध कराने के प्रयास में हूँ.
नमस्कार.