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शनिवार, 17 अक्तूबर 2009

दीपावली २००९


आलोकपर्व मंगलमय हो !
नहीं कहीं कोई भय हो !!
शत्रुबुद्धिविनाशक दीपक -
ज्योति जगे ! जय हो!! जय हो !!!

2 टिप्‍पणियां:

sangita puri ने कहा…

बहुत बढिया !!
पल पल सुनहरे फूल खिले , कभी न हो कांटों का सामना !
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे , दीपावली पर हमारी यही शुभकामना !!

Udan Tashtari ने कहा…

सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

-समीर लाल 'समीर'