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शुक्रवार, 14 जनवरी 2011

कविता वाचक्नवी के वास्ते....

'साहित्य मंथन' और 'विश्वम्भरा' के तत्वावधान में तेरह जनवरी [लोहड़ी] २०११  की साँझ को डॉ. कविता वाचक्नवी के हैदराबाद आगमन पर 'स्नेह मिलन और कविगोष्ठी' का आयोजन किया गया  जो कविता जी के सम्मान समारोह में बदल गया. मित्रों, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के आशीर्वाद और अपनेपन को समेटती हुईं कविता जी काफी प्रसन्न दिख रही थीं. उन्होंने विस्तार से इन्टरनेट के माध्यम से साहित्य, भाषा और संस्कृति की सेवा के कई गुर बताए और हमेशा की तरह उन लोगों को जी भर कर लताड़ा जो इस शक्तिशाली माध्यम का प्रयोग केवल अपनी छपास मिटाने के लिए करते हैं. खूब कविताएँ पढी-सुनी गईं. 'आंध्र प्रदेश हिंदी अकादमी', 'उच्च शिक्षा और शोध संस्थान' तथा  'अहल्या' पत्रिका की ओर से भी कवयित्री का सम्मान किया गया. अध्यक्षता आंध्र प्रदेश हिंदी अकादमी के प्रो. बी. सत्यनारायण ने की. अनुवादिका शांता सुन्दरी  विशेष अतिथि रहीं. संचालन डॉ. बी. बालाजी ने किया. संयोजन संपत देवी मुरारका और उनके सुपुत्र राजेश मुरारका ने सँभाला.

चित्र : राजेश मुरारका. और गोपाल कुमार   
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