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शुक्रवार, 15 जनवरी 2010

अंतिम प्रणाम,जीजी


विमला जीजी [१९४६-२००९] परमतत्व में विलीन हो गईं.
माँ के जाने [२००५]के बाद से तो हम सब उन्हीं में माँ को देखने लगे थे.
माँ ने ३० अगस्त को अंतिम साँस ली थी,जीजी ने ३० दिसंबर को.
प्रकृति कैसे कैसे संयोग रचती है!
बड़े भैया,जीजाजी और जीजी तीनों ही दुर्घटना में गए.
और तो और ,जीजी छत से आँगन में उसी जगह गिरीं जहाँ विद्युतस्पर्शाघात से जीजाजी गिरे थे.
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