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शुक्रवार, 19 जून 2009

क्षीण है अद्यतन स्त्रीकविता का मातृपक्ष






2 टिप्‍पणियां:

cmpershad ने कहा…

यह तो चकित करने की बात है कि स्त्री सश्क्तीकरण की बात होती है पर वात्सल्य पर कम ‘महिला’ कवयित्रियों ने लेखन किया है।

कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee ने कहा…

मेरी कविताओं पर इस प्रकार ध्यान देने, उनकी मीमांसा और उन्हें उद्धृत करने के लिए आभारी हूँ।